अब धूम्रपान की लत छुडायेगा 'एंटी स्मोकिंग' टीका
राष्ट्रीय सहारा, लखनऊ, उत्तर प्रदेश
19 November 2009
अब धूम्रपान की लत छुडायेगा 'एंटी स्मोकिंग' टीका
कैडेट्स ने निकाली तम्बाकू निषेध रैली
कैडेट्स ने निकाली तम्बाकू निषेध रैली
दैनिक जागरण, चमोली, उत्तराखंड
गोपेश्वर (चमोली)। एनसीसी-डे के उपलक्ष्य में आयोजित होने वाले कार्यक्रमों की शुरुआत करते एनसीसी गर्ल्स कैडेट्स ने जिला मुख्यालय में तम्बाकू निषेध रैली निकाली। रैली का उद्देश्य लोगों को तम्बाकू के सेवन से होने वाले नुकसान के प्रति जागरूक करना है। ये कार्यक्रम आगामी 29 नवम्बर तक चलेंगे।
सोमवार को राजकीय बालिका इंटर कालेज गोपेश्वर की 50 गर्ल्स कैडेट्स गोपीनाथ मंदिर के सामने एकत्रित हुई। यहां से वे सीएचएम नरेन्द्र सिंह नेगी के नेतृत्व में रैली की शक्ल में मुख्य बाजार से होती हुई पुलिस मैदान तक पहुंचीं। रैली के दौरान कैडेट्स ने नारे लगाकर लोगों को तम्बाकू निषेध के प्रति जागरूक किया। कैडेटस ने लोगों को बताया कि तम्बाकू के सेवन से कैसे विश्व में प्रतिवर्ष लाखों लोग मौत के मुंह में समा रहे हैं। पुलिस मैदान के पास रैली का समापन हुआ। एनसीसी-डे के उपलक्ष्य में होने वाले कार्यक्रमों के बारे में कर्नल तेग बहादुर राणा ने बताया कि एनसीसी कैडेटस आगामी 18 नवम्बर तक विभिन्न स्थानों में तम्बाकू निषेध रैली निकालेंगे। 19 से 22 तक ब्लड डोनेशन कैम्प आयोजित किए जाएंगे और 22 नवम्बर से 27 तक कैडेट्स पुलिस के साथ यातायात व्यवस्था को कंट्रोल करने में सहयोग करेंगे। कार्यक्रमों का समापन 29 नवम्बर को एनसीसी कार्यालय गोपेश्वर में फ्लैग हास्टिंग के साथ किया जाएगा।
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तम्बाकूकिल्स न्यूज़ बुलेटिन
शुक्रवार, २० नवम्बर २००९
अंक- ७८३
धूम्रपान मुक्तजीवन, हार्टअटैक की संभावना
धूम्रपान मुक्तजीवन, हार्टअटैक की संभावना
लोकतेज, उदयपुर, राजस्थान
वाशिंगटन । यदि आप धूम्रपान नहीं करते हैं तो आपको ''हार्ट अटैक' होने की संभावना बहुत ही कम है। ऐसी बातें अमेरिका में किए गए एक अध्ययन में प्रकट हुई हैं। अमेरिका केस्टार्कविले शहर में सार्वजनिक स्थानों पर धूम्रपान को प्रतिवंछित करने केबाद 'हार्ट अटैक' की संखया में २७ फीसदी की कमी दर्ज की गई है। इस कमी को देखते हुए शोधकर्ताओं ने प्रतिबंध को राज्य भर में लगाने की सिफारिश की है। ज्ञातव्य हो कि तीन वर्ष पहले इस शहर में धूम्रपान पर प्रतिबंध लगाए गए थे। प्रमुख शोधकर्ता शबर्ट मैकमिलन ने कहा, ''पहले और तीन वर्ष वाद की स्थिति का तुलनात्मक रूप से अध्ययन करने पर यह प्रकट होता है कि हृदय रोगियों की संखया में २७ फीसदी कमी आई है। इस लिए हमने इस प्रतिबंध को राज्यभर में लगाने की सिफारिश की है।'' मैकमिलन का कहना है कि धूम्रपान मुक्तकानून नागरिकों में खासा लोकप्रिय हुआ है।
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तम्बाकूकिल्स न्यूज़ बुलेटिन
शुक्रवार, २० नवम्बर २००९
अंक- ७८२
हर कश में सुलगती है जिन्दगी
COPD fourth leading cause of deaths: expert
COPD fourth leading cause of deaths: expert
The Hindu, Kurnool, Andhra Pradesh
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EXCERPT:
Chronic Obstructive Pulmonary Disease (COPD) is the fourth leading cause of the death in the world, retired chest physician G. Kullayappa has said. Talking to reporters in connection with the celebrations of World COPD Day on November 18, Dr. Kullayappa said 30 lakh people died of the disease every year in the world while smoking was the major cause of the disease.
A smoker was exposed to 4,000 harmful substances contained in the cigarette. Dr. Kullayappa pointed out that out of 20 cigars smoked by a primary smoker, three would definitely be shared by other non-smokers. Even the passive smokers were exposed to health hazards, he said.
As per the Indian standards, a COPD patient was spending Rs. 32,000 a year. If the victims quit smoking in the initial stage, the damage has chances of being reversible, he said.
Highest number
He said Chennai was considered the city having the highest number of smokers while the total number in the country going up to 250 million. The disease could be diagnosed under a simple lung function test. Read more....
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Tambakookills News Bulletin
Thursday, 19 November 2009
issue-781
सी.ओ.पी.डी. मृत्यु का चौथा सबसे बड़ा कारण
सी.ओ.पी.डी. मृत्यु का चौथा सबसे बड़ा कारण
अवकाश प्राप्त चेस्ट फिसिशियन डा. कुल्लायप्पा के अनुसार, क्रोनिक ओब्स्त्रक्टिव पुल्मनारी डिसीस (सी.ओ.पी.डी.), विश्व में मृत्यु का चौथा सबसे बड़ा कारण है। १८ नवम्बर को मनाये जाने वाले विश्व सी।ओ।पी।डी। दिवस के अवसर पर उन्होंने संवाददाताओं को संबोधित करते हुए बताया कि सम्पूर्ण विश्व में ३० लाख व्यक्ति प्रति वर्ष इस रोग से मृत्यु को प्राप्त होते हैं, तथा धूम्रपान इस रोग का प्रमुख कारण है।
धूम्रपान करने वाला व्यक्ति, सिगरेट में पाये जाने वाले ४००० खतरनाक तत्वों से प्रभावित होता है। डा. कुल्लायप्पा ने बताया कि यदि कोई २० सिगार पीता है, तो उनमें से, कम से कम तीन, अन्य अधूम्रपानियों को भी प्रभावित करके उनके स्वास्थ्य के लिए हानिकारक होंगें।
भारतीय मापदंडों के अनुसार, इस रोग से त्रसित व्यक्ति को अपनी बीमारी पर प्रति वर्ष ३२,००० रुपये खर्च करने पड़ते हैं। यदि रोगी प्रारम्भिक अवस्था में ही सिगरेट पीना छोड़ दे, तो इन परेशानियों से बच सकता है। उन्होंने कहा कि चेन्नई में सिगरेट पीने वालों की संख्या, देश भर में सबसे अधिक है। पूरे देश में धूम्रपान करने वालों की संख्या लगभग २५ लाख है। इस रोग की जांच, फेफड़ों के सरल परीक्षण के द्वारा की जा सकती है।
उन्होंने धूम्रपान पर नियंत्रण, अथवा उसे पूर्ण रूप से त्याग देने पर ज़ोर दिया। सिगरेट पीने वालों को, यह व्यसन छोड़ने में उचित परामर्श भी सहायक हो सकता है। इससे पहले कि स्थिति नियंत्रण से बाहर हो, इस दिशा में ठोस कदम उठाने ज़रूरी हैं। धूम्रपान के अलावा, धूल, और सवारी गाड़ियों से निकलने वाले धुएँ, की वजह से भी यह रोग हो सकता है।
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तम्बाकूकिल्स न्यूज़ बुलेटिन
ब्रहस्पतिवार, १९ नवम्बर २००९
अंक- ७८०
